name="google-site-verification" content="XXXXXX" /> Sujeet Sir Education सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

प्रदर्शित

उत्प्रेक्षा अलङ्कार क्या है? परिभाषा, पहचान, उदाहरण और महत्वपूर्ण MCQ | संस्कृत अलङ्कार

उत्प्रेक्षा अलङ्कार उत्प्रेक्षा अलङ्कार की परिभाषा जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति में किसी दूसरी वस्तु या व्यक्ति की सम्भावना अथवा कल्पना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलङ्कार होता है। उत्प्रेक्षा अलङ्कार की पहचान उत्प्रेक्षा में प्रायः इव, मन्ये, शङ्के, नूनम्, प्रायः आदि शब्दों का प्रयोग मिलता है। सरल ट्रिक उपमा = समानता उत्प्रेक्षा = सम्भावना या कल्पना यदि वाक्य में “मानो”, “ऐसा लगता है”, “शायद ऐसा हो” जैसी कल्पना का भाव हो, तो उत्प्रेक्षा अलङ्कार होने की सम्भावना रहती है। उदाहरण मुखं चन्द्र इव मन्ये। अर्थ—मैं मुख को मानो चन्द्रमा ही समझता हूँ। यहाँ मुख में चन्द्रमा की कल्पना की गई है, इसलिए उत्प्रेक्षा अलङ्कार है। महत्वपूर्ण प्रश्न “लोको नियम्यत इवात्मदशान्तरेषु” पद्यांश में कौन-सा अलङ्कार है? (A) उत्प्रेक्षा (B) उपमा (C) अर्थान्तरन्यास (D) रूपक उत्तर — (A) उत्प्रेक्षा उत्प्रेक्षा अलङ्कार – 20 महत्वपूर्ण MCQ 1. उत्प्रेक्षा अलङ्कार में मुख्यतः किसकी प्रधानता होती है? (A) समानता (B) सम्भावना या कल्पना (C) विरोध (D) अतिशयोक्ति उत्तर: (B) सम्भावना या कल्पना 2. उत्प्रेक्षा अलङ्कार में प्रायः ...

class 8th, संस्कृत, 1. सुभाषित (गुणा गुणज्ञेषु गुणा भवन्ति ते निर्गुणं प्राप्य भवन्ति दोषाः। सुस्वादुतोयाः प्रभवन्ति नद्यः समुद्रमासाद्य भवन्त्यपेयाः॥1)BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695,Araria,Bihar.

९. विभक्तिमाला ।( सर्वेषाम् स्वस्तिर्भवतु ।सभी के लिए सुख और समृद्धि हो।") BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.

दिगंत,class 12th, विषय हिंदी,2. बातचीत, बाल कृष्ण भट्ट,objective &subjective question answer (एक कलम ,एक किताब, एक बच्चा और एक शिक्षक दुनिया बदल सकता है।)By SUJEET SIR,9709622037,8340763695,Araria,Bihar.

संस्कृत में श्लोक, विद्यामहत्वम् (IMPORTANCE OF KNOWLEDG( येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।).970909622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.

संस्कृत व्याकरण, शब्द रूप, (सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः सत्येन वाति वायुश्च सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितं ।)BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.

पाठ 1 बातचीत बालकृष्ण, पाठ का सारांश, हिंदी 12वीं के लिए, objective or subjective question answer (मंजिल को पाने के लिए रास्ते नहीं, तरीके बदलिए।)By SUJEET SIR,9709622037, ARARIA, BIHAR.

Indian civilization and culture, Mahatma Gandhi, English 12th, Bihar board, line by line hindi ("चलता हुआ मनुष्य और दौड़ता हुआ घोड़ा कभी बूढ़ा नहीं होता") BY SUJEET SIR, MOB NO.9709622037,8340763695, Araria Bihar