name="google-site-verification" content="XXXXXX" /> ९. विभक्तिमाला ।( सर्वेषाम् स्वस्तिर्भवतु ।सभी के लिए सुख और समृद्धि हो।") BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR. सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

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Class 10 Chemistry 100 VVI Objective Questions With Answers | Bihar Board 2027

कक्षा 10 रसायन विज्ञान – 100 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर सहित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी करने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए रसायन विज्ञान के 100 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न तैयार किए गए हैं। इस पोस्ट में रसायन विज्ञान के सभी प्रमुख अध्यायों से महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न उत्तर सहित दिए गए हैं। 1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 2. अम्ल, क्षारक एवं लवण 3. धातु एवं अधातु 4. कार्बन एवं उसके यौगिक 5. तत्वों का आवर्त वर्गीकरण विशेषताएँ: - 100 महत्वपूर्ण Objective Questions - प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प - सभी प्रश्नों के सही उत्तर Class 10 Chemistry 100 VVI Objective Questions With Answers | Bihar Board 2027 अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (1–20) प्रश्न 1. रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थ कहलाते हैं? (A) उत्पाद (B) अभिकारक (C) उत्प्रेरक (D) मिश्रण उत्तर: (B) अभिकारक प्रश्न 2. मैग्नीशियम रिबन जलने पर कौन-सा पदार्थ बनता है? (A) MgCl2 (B) MgO (C) MgSO4 (D) MgCO3 उत्तर: (B) MgO प्रश्न 3. रासायनिक समीकरण क...

९. विभक्तिमाला ।( सर्वेषाम् स्वस्तिर्भवतु ।सभी के लिए सुख और समृद्धि हो।") BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.

९. विभक्तिमाला ।


धर्मो जयति नाधर्मः, सत्यं जयति नानृतम् ।
क्षमा जयति न क्रोधो, देवो जयति नासुरः ।। प्रथमा ।।






वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । 
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ।। द्वितीया ।।






 काव्यशास्त्रविनोदेन कालो गच्छति धीमताम् । 
व्यसनेन तु मूर्खाणां निद्रया कलहेन वा ।। तृतीया ।।






विद्या विवादाय धनं मदाय खलस्य शक्तिः परपीडनाय । साधोस्तु सर्वं विपरीतमेतत् ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय ।।चतुर्थी।।



 तैलाद्रक्षेद् जलाद्रक्षेद् रक्षेत् शिथिलबन्धनात् । 
मूर्खहस्ते न दातव्यम् एवं वदति पुस्तकम् ।। पञ्चमी ।।






नरस्याभरणं रूपं रूपस्याभरणं गुणः । 
गुणस्याभरणं ज्ञानं ज्ञानस्याभरणं क्षमा ।। षष्ठी।। 







व्यसने मित्रपरीक्षा शूरपरीक्षा रणाङ्गणे भवति । 
विनये भृत्यपरीक्षा दानपरीक्षा च दुर्भिक्षे ।। सप्तमी ।।





आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर । 
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते ।। सम्बोधनम् ।।





रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः । रामान्नास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहम् रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ।।

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