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भारतीय दर्शन के 6 प्रमुख दर्शन एवं उनके प्रवर्तक | षड्दर्शन GK | BPSC, CTET & UGC NET

भारतीय दर्शन के प्रमुख दर्शन एवं उनके प्रवर्तक भारतीय दर्शन की परंपरा अत्यंत समृद्ध और प्राचीन है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भारतीय दर्शन, षड्दर्शन तथा उनके प्रवर्तकों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। नीचे प्रमुख भारतीय दर्शनों और उनके प्रवर्तकों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। भारतीय षड्दर्शन एवं उनके प्रवर्तक 1. सांख्य दर्शन — महर्षि कपिल 2. योग दर्शन — महर्षि पतञ्जलि 3. न्याय दर्शन — महर्षि गौतम (अक्षपाद) 4. वैशेषिक दर्शन — महर्षि कणाद 5. पूर्व मीमांसा दर्शन — महर्षि जैमिनि 6. उत्तर मीमांसा / वेदान्त दर्शन — महर्षि बादरायण याद रखने की ट्रिक कपिल – पतञ्जलि – गौतम – कणाद – जैमिनि – बादरायण ➡️ सांख्य → कपिल ➡️ योग → पतञ्जलि ➡️ न्याय → गौतम ➡️ वैशेषिक → कणाद ➡️ मीमांसा → जैमिनि ➡️ वेदान्त → बादरायण यह जानकारी BPSC, बिहार शिक्षक, CTET, UGC NET, SSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी है।

Class 8th, Sanskrit, संस्कृत ,पाठ 2 बिलस्य वाणी न कदापि में श्रुता(या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.)BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.

ARTICLE, indefinite A,AN Definite THE, English grammar (There is nothing parment in this world)BY SUJEET SIR,9709622037,8340763695, ARARIA, BIHAR.