name="google-site-verification" content="XXXXXX" /> वेदांग का परिचय (,योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय । सिद्धयसिद्धयोः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते ॥ )By SUJEET SIR 9709622037,Araria,Bihar. सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

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महात्मा गांधी के आंदोलन – 50 महत्वपूर्ण MCQ (BPSC Tier 4 Exam 2026)

Mahatma Gandhi ने भारत की आज़ादी के लिए कई बड़े आंदोलन किए। उनके प्रमुख आंदोलन इस प्रकार हैं: 1. चंपारण सत्याग्रह (1917) बिहार के Champaran में नील किसानों के शोषण के खिलाफ गांधीजी का भारत में पहला सत्याग्रह आंदोलन 2. खेड़ा सत्याग्रह (1918) Kheda के किसानों के लिए फसल खराब होने पर भी टैक्स वसूली के खिलाफ 3. अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) Ahmedabad के मजदूरों के वेतन बढ़ाने के लिए 4. असहयोग आंदोलन (1920–1922) अंग्रेजी शासन के खिलाफ लोगों से सरकारी नौकरी, स्कूल, वस्त्र आदि का बहिष्कार करने का आह्वान 5. नमक सत्याग्रह / दांडी मार्च (1930) Dandi तक पैदल यात्रा अंग्रेजों के नमक कानून के खिलाफ 6. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) कानूनों का शांतिपूर्ण उल्लंघन ब्रिटिश शासन के खिलाफ व्यापक विरोध 7. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) अंग्रेजों को भारत छोड़ने का अंतिम आह्वान “करो या मरो” का नारा दिया 👉 संक्षेप में: गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के बल पर ये आंदोलन चलाए और भारत की आज़ादी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। यह रहे BPSC Tier 4 Exam के लिए Mahatma Gandhi के आंदोलनों पर 50 महत्वपूर्ण MCQ 👇 📘 महात्मा गां...

वेदांग का परिचय (,योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय । सिद्धयसिद्धयोः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते ॥ )By SUJEET SIR 9709622037,Araria,Bihar.


वेदांग: वेदों के सहायक अंग

वेदांग वेदों के अध्ययन और समझ को आसान बनाने के लिए विकसित किए गए छह सहायक शास्त्र हैं। ये वेदों के अंग माने जाते हैं।



छह वेदांग कौन-कौन से हैं?
 * शिक्षा: यह वेद मंत्रों के उच्चारण की विधि बताती है। स्वर और वर्णों के सही उच्चारण पर विशेष जोर दिया जाता है।
 * कल्प: वेदों में बताए गए कर्मकांडों के विस्तृत विवरण के लिए कल्प शास्त्र का अध्ययन किया जाता है।





 * व्याकरण: वेदों की भाषा के व्याकरणिक नियमों को समझने के लिए व्याकरण का अध्ययन आवश्यक है।
 * निरुक्त: वेदों में आए हुए शब्दों के अर्थ और व्युत्पत्ति (उत्पत्ति) को समझने के लिए निरुक्त शास्त्र का अध्ययन किया जाता है।



 * छंद: वेद मंत्रों के छंदों के बारे में जानकारी देने वाला शास्त्र छंद शास्त्र है।


 * ज्योतिष: वेदों में वर्णित यज्ञों के लिए शुभ मुहूर्त निकालने के लिए ज्योतिष का अध्ययन किया जाता था।


वेदांगों का महत्व
वेदांगों का अध्ययन बिना वेदों को ठीक से समझा नहीं जा सकता। ये वेदों के पूरक हैं और इनके माध्यम से ही वेदों के गूढ़ रहस्य को समझा जा सकता है।


वेदांगों का आधुनिक महत्व
आज भी वेदांगों का अध्ययन कई कारणों से किया जाता है:
 * सांस्कृतिक विरासत: वेदांग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।


 * भाषा विज्ञान: व्याकरण शास्त्र भाषा विज्ञान के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।


 * खगोल विज्ञान: ज्योतिष शास्त्र में खगोल विज्ञान के कई सिद्धांतों का उल्लेख मिलता है।


 * धर्म और दर्शन: वेदांग धर्म और दर्शन के अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

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